Monday, 25 April 2011


♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥ नारी ( अपराधी तो नहीं)  ♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥
" एक नारी का अर्पण देखो!
  उसका जरा समर्पण देखो!
  हर लम्हा वो त्याग ही करती,
  उसका जीवन दर्शन देखो!

लेकिन फिर भी उसी नार को, श्राप मगर समझा जाता है!
वो हंसके जो देखे सबको, पाप मगर समझा जाता है!
   दुनिया में नारी मुक्ति की, बात मुझे बेमानी लगती!
    उसके जीवन की बगिया में, अब तो बस वीरानी लगती!
ऐसा ही माहौल रहा तो, नारी कब आज़ाद रहेगी!
वो रोएगी सिसक सिसक के, वो तो बस बर्बाद रहेगी…………………
उसके मन का मंथन देखो!
प्रेम भरा वो उपवन देखो!
उसकी इन दोनों आँखों में,
हम सबका अभिनन्दन देखो!
लेकिन फिर भी उसी नार को, श्राप मगर समझा जाता है!
खुशियों की इस जननी को, संताप मगर समझा जाता है!
    दुनिया में नारी मुक्ति की, बात मुझे बेमानी लगती!
    जिसके पन्ने सिमट रहें हों, ऐसी मुझे कहानी लगती!
ऐसा ही माहौल रहा तो, वो कैसे फ़रियाद कहेगी!
वो रोएगी सिसक सिसक के, वो तो बस बर्बाद रहेगी…………………
उसका मनवा पावन देखो!
हर्ष भरा वो आगम देखो!
हमको ठेस जरा लगने पर,
उसके भीगे नैनन देखो!
लेकिन फिर भी उसी नार को, श्राप मगर समझा जाता है!
उस मस्तक के गौरव को, पदचाप मगर समझा जाता है!
    दुनिया में नारी मुक्ति की, बात मुझे बेमानी लगती!
   "देव" ने बदली सूरत है बस, नियत वही पुरानी लगती!
ऐसा ही माहौल रहा तो, वो कैसे अवसाद सहेगी!
वो रोएगी सिसक सिसक के, वो तो बस बर्बाद रहेगी!”

" नारी  अपनी आज़ादी में ये नहीं कहती की उसे कम कपड़े पहनने की आज़ादी मिले, मगर वो चाहती है की उसे मानसिक आज़ादी मिले! तो आइये नारी को मानसिक आज़ादी का प्रदान करते हुए उसके उत्थान में सहायक बने! -चेतन रामकिशन(देव)"


" मेरी परम मित्र सतविंदर कौर जी ने इस रचना का विषय दिया, उन्हें साभार देते हुए ये रचना प्रस्तुत है!"


♥ ♥ ♥ ♥ ♥ ♥ ♥ ♥ ♥ ♥ Woman (not criminal) ♥ ♥ ♥ ♥ ♥ ♥ ♥ ♥ ♥ ♥
"A Woman's offerings look!
  
Just look at his dedication!
  
Every moment that the movement does
 
 See his life philosophy!

But the same woman, but is considered a curse!
she saw that everyone laugh, but sin is understood!
    Women's liberation in the world, the thing I look redundant!
      
Her life in the nursery, now seems just desolation!
If this is the environment, when women will be free!
She will cry tears of around, that will be wasted…………..

Her mind churned Look
she look full of love park!
Her two eyes;
We all look Greetings!
But the same woman, but is considered a curse!
Happiness to the mother, but is considered anguish!
  Women's liberation in the world, the thing I look redundant!
   
Pages which may be reduced, that seems to me the story!

If this is the environment, how she complaint say?
She will cry tears of around, that will be wasted…………..

It proved pure look!
They look full of joy proceeds!
Prod us to look just at
Look at her wet eyes!

But the same woman, but is considered a curse!

The pride of the head, foot dust but is understood!
    Women's liberation in the world, the thing I look redundant!
    "Dev" is simply the case changed, due the same old look!
If this is the environment, how she will be able to co depression!
She will cry tears of around, that will be wasted!”


"women in their freedom they would not get the freedom of her short dress, but shewants to get her mental freedom! So come on women's mental freedom by providinghelp made ​​her uplifting!-chetan ramkishan (Dev)"

"My ultimate friend Satvinder Kaur ji was the subject of creation, with gratitude by givingthem presents this creation!"





1 comment:

अमि'अज़ीम' said...

उसका मनवा पावन देखो!
हर्ष भरा वो आगम देखो!
हमको ठेस जरा लगने पर,
उसके भीगे नैनन देखो!
लेकिन फिर भी उसी नार को, श्राप मगर समझा जाता है!
उस मस्तक के गौरव को, पदचाप मगर समझा जाता है!

sarthak or bhaab-bheeni rachna.........