Tuesday, 22 January 2013

♥♥माँ ने तुम्हे पुकारा..♥♥♥


♥♥♥♥♥♥♥माँ ने तुम्हे पुकारा..♥♥♥♥♥♥♥♥♥
तुमको सलाम दिल से है, तुमको नमन हमारा!
नेता सुभाष फिर से तुम, आ जाओ अब दुबारा!
भारत को आज फिर से, जरुरत है तुम्हारी,
बंधन में जकड़ी माँ ने है, तुमको यहाँ पुकारा!

अब देश के भीतर ही जो, गद्दार बहुत हैं!
देखो सुभाष जुल्म के, किरदार बहुत हैं!

इनके लहू की फिर से, बहो दो जमीं पे धारा!
तुमको सलाम दिल से है, तुमको नमन हमारा..

फिर से सुभाष देश का, ये हाल हो गया!
मजलूम आदमी यहाँ, बेहाल हो गया!
अफसर यहाँ, नेता यहाँ सब लूटने लगे,
निर्धन के हित का, कोष भी कंगाल हो गया!

अब देश को फिर से तेरी दरकार बहुत है!
बंधन में जकड़ी माँ को, इंतजार बहुत है!

हर पल ही तुम्हे याद, ये करता है वतन सारा!
तुमको सलाम दिल से है, तुमको नमन हमारा!"

"
आज़ादी के महानायक, नेता सुभाष चन्द्र बॉस को नमन, और सभी से आहवान कि, आइये उनसे प्रेरणा लें और अपने स्तर से देश हित में प्रयास करें..."

चेतन रामकिशन "देव"
दिनांक-२३.०१.२०१२ 

1 comment:

Kalipad "Prasad" said...

भारत को आज फिर से, जरुरत है तुम्हारी,
बंधन में जकड़ी माँ ने है, तुमको यहाँ पुकारा!
सचमुच फिर सुभास की दरकार है.
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