Tuesday, 19 May 2015

♥♥ममता...♥♥

♥♥♥♥♥ममता...♥♥♥♥♥♥♥
मुझपे ममता का रंग डाला है। 
मेरी आँखों में जो उजाला है। 

बस दुआ देके दर्द खींच लिया,
माँ तेरा प्यार भी निराला है। 

तेरी हिम्मत की दाद देता हूँ,
कितनी मुश्किल से हमको पाला है। 

तुमने तालीम दी हक़ीक़त की,
हमके गिरते हुये संभाला है। 

माँ तेरी हर छुअन है फूलों सी,
तुमने काँटा हर एक निकाला है। 

मेरी ख्वाहिश जो कर सको पूरी,
मेरी आदत में खुद को ढ़ाला है। 

"देव" माँ को सुकून है मुझसे,
मुझको भी माँ का नाम आला है। "

......चेतन रामकिशन "देव"…….
दिनांक- २०.०५.२०१५
" सर्वाधिकार C/R सुरक्षित। " 


2 comments:

Tushar Rastogi said...

आपकी इस पोस्ट को शनिवार, २३ मई, २०१५ की बुलेटिन - "दी रिटर्न ऑफ़ ब्लॉग बुलेटिन" में स्थान दिया गया है। कृपया बुलेटिन पर पधार कर अपनी टिप्पणी प्रदान करें। सादर....आभार और धन्यवाद।

सुशील कुमार जोशी said...

बहुत सुंदर रचना ।