Tuesday, 10 July 2012

♥जो साथ तेरा..♥


♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥जो साथ तेरा..♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥
मुझे किसी की नहीं जरुरत, जो साथ तेरा है मेरे संग में!
हवा में खुश्बू में महक रही है, रंगा है ये दिल तुम्हारे रंग में!

तुम्हारी चाहत से जिंदगी में, सुकुन पाया, आराम पाया!
मिली है जबसे तेरी मोहब्बत, लगे खुदा से ईनाम पाया!
तुम्हारे हाथों में हाथ लेकर, चला हूँ जब भी मैं जिंदगी में,
न पथ में आई कोई भी मुश्किल, हमेशा हमने मुकाम पाया!

कदम हमारे थिरक रहे हैं, तुम्हारी चाहत की इस तरंग में!
मुझे किसी की नहीं जरुरत, जो साथ तेरा है मेरे संग में!"

.........................चेतन रामकिशन "देव"........................

6 comments:

रजनीश तिवारी said...

तेरा साथ है तो मुझे क्या कमी है , अँधेरों में भी मिल रही रोशनी है ।

Onkar said...

सुन्दर रचना

Reena Maurya said...

बहुत, बहुत सुन्दर ,प्यारी रचना..

S.M.HABIB (Sanjay Mishra 'Habib') said...

बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति....
सादर।

अनामिका की सदायें ...... said...

pyar aisa hi hota hai. sundr abhivyakti.

यशवन्त माथुर (Yashwant Mathur) said...

बहुत ही बढ़िया


सादर