Tuesday, 11 September 2012

♥माँ की छवि महान..♥


♥♥♥♥♥♥माँ की छवि महान..♥♥♥♥♥♥♥♥♥
माँ की ममता फूलों जैसी, माँ की छवि महान!
माँ की सूरत में दिखता है, धरती पर भगवान!
जब भी माँ के हाथ से मिलता, मस्तक को स्पर्श,
मिलता है साहस जीवन को, खिलती है मुस्कान!

माँ तो माँ है, माँ का कोई होता नहीं विकल्प!
माँ करती है संतानों का, जीवन कायाकल्प!

माँ अपनी संतान का हर पल, करती है उत्थान!
माँ की ममता फूलों जैसी, माँ की छवि महान....

माँ बच्चों का पालन करती, देती उन्हें दुलार!
माँ बच्चों को देती अपने, दूध की मीठी धार!
माँ बच्चों को देती हर पल सच्चाई की सीख,
माँ बच्चों के जीवन पथ से, चुन लेती है खार!

माँ बच्चों के हर्ष की खातिर, भूले अपना दर्द!
माँ से बढ़कर नहीं है कोई, दुनिया में हमदर्द!

माँ प्रथम शिक्षक बनकर के, हमको देती ज्ञान!
माँ की ममता फूलों जैसी, माँ की छवि महान...

माँ की इस अनमोल छवि को, है शत शत प्रणाम!
मधुर से भी मधुकर लगता है, माँ का प्यारा नाम!
हमको बिना सुलाए रहती, माँ निंदिया से दूर,
माँ बच्चों की खातिर भूले, अपने सुख, आराम!

माँ की एक दुआ से बनते,"देव" हजारों काज!
माँ का नाम सदा पावन है, कल को चाहें आज!

हिंसा, लोभ, कपट से रहता, माँ का दिल अनजान!
माँ की ममता फूलों जैसी, माँ की छवि महान!"

"
माँ-एक ऐसी छवि, जिसका कोई विकल्प नहीं! नारी त्याग का पर्याय है, किन्तु उस नारी में, माँ का रूप सबसे ज्यादा वन्दनीय और त्यागी है! माँ, अपनी संतान के हित के लिए, अपने जीवन के एक एक पल को समर्पित कर देती है! माँ को नमन!"

अपनी माँ प्रेमलता जी को समर्पित रचना!

चेतन रामकिशन "देव"
दिनांक-११.०९.२०१२

रचना मेरे ब्लॉग पर पूर्व प्रकाशित!





1 comment:

Reena Maurya said...

बहुत सुन्दर ,प्यारी रचना...
माँ होती ही है इतनी प्यारी और महान
शानदार रचना...
:-)