Tuesday, 25 September 2012


♥प्रेम आराधना♥
प्रेम आराधना,
प्रेम सदभावना!
प्रेम सुमन है,
प्रेम साधना!

प्रेम को वासना से नहीं जोड़िए
प्रेम के पथ को तुम न कभी छोड़िए!

प्रेम ह्रदय की,
मधुर भावना!
प्रेम आराधना,
प्रेम सदभावना!

प्रेम रिमझिम सितारों का आकाश है!
प्रेम दिव्य छटा, प्रेम विश्वास है!

प्रेम सबके हितों की,
सरल भावना!
प्रेम आराधना,
प्रेम सदभावना!"

"शुभ-दिन"
चेतन रामकिशन "देव"


5 comments:

yashoda agrawal said...

आपकी यह बेहतरीन रचना शनिवार 29/09/2012 को http://nayi-purani-halchal.blogspot.in पर लिंक की जाएगी. कृपया अवलोकन करे एवं आपके सुझावों को अंकित करें, लिंक में आपका स्वागत है . धन्यवाद!

यशवन्त माथुर (Yashwant Mathur) said...

बहुत ही बढ़िया


सादर

यशवन्त माथुर (Yashwant Mathur) said...

एक निवेदन
कृपया निम्नानुसार कमेंट बॉक्स मे से वर्ड वैरिफिकेशन को हटा लें।
इससे आपके पाठकों को कमेन्ट देते समय असुविधा नहीं होगी।
Login-Dashboard-settings-comments-show word verification (NO)

अधिक जानकारी के लिए कृपया निम्न वीडियो देखें-
http://www.youtube.com/watch?v=L0nCfXRY5dk

Reena Maurya said...

बहुत सुन्दर प्रेम अभिव्यक्ति...
:-)

Mukesh Kumar Sinha said...

prem sabkuchh hai:)