Thursday, 9 May 2013

♥♥प्यार की सौंधी खुश्बू..♥♥♥


♥♥प्यार की सौंधी खुश्बू..♥♥♥
प्यार का एक समुन्दर हो तुम! 
चाँद के जैसी सुन्दर हो तुम!
एहसासों की सौंधी खुश्बू, 
और खुशी का अम्बर हो तुम!

प्यार के हर बिंदु का तुमने, 
मुझको व्यापक ज्ञान दिया है!
मुझ मामूली मनुज को तुमने, 
एक अद्भुत सम्मान दिया है!
इस दुनिया में प्यार से बढ़कर, 
कोई पूंजी हो नहीं सकती,
तुमने मुझको कदम कदम पर, 
गहरा बल प्रदान किया है!

मेरा मनवा भीग गया है, 
प्रेम से पूरित जलधर हो तुम!
एहसासों की सौंधी खुश्बू, 
और खुशी का अम्बर हो तुम...

मेरा मन का मोह तुम्हीं हो,
जीवन का आराम तुम्हीं हो!
तुम्ही सुबह का उजियारा हो,
और सुनहरी शाम तुम्ही हो!
"देव" तुम्हारे प्रेम ने मुझको,
प्रखरता से किया सुशोभित,
तुम्ही हंसी मेरे चेहरे की,
और मेरा उपनाम तुम्हीं हो!

तुम्हीं हमारी शुभ-चिन्तक हो,
और हमारी हितकर हो तुम!
एहसासों की सौंधी खुश्बू, 
और खुशी का अम्बर हो तुम!"


..चेतन रामकिशन "देव"...
दिनांक-०९.०५.२०१३
"
सर्वाधिकार सुरक्षित"







1 comment:

तुषार राज रस्तोगी said...

आपकी यह पोस्ट आज के (०९ मई, २०१३) ब्लॉग बुलेटिन - ख़्वाब पर प्रस्तुत की जा रही है | बधाई