Wednesday, 12 February 2014

♥♥जिंदगी का सबक...♥♥

♥♥♥♥♥♥♥♥जिंदगी का सबक...♥♥♥♥♥♥♥♥
जिंदगी जीने का तुम, मुझको सबक दे जाओ!
मेरी आँखों में सितारों की, चमक दे जाओ!

पर नहीं हैं मेरे पर, उड़ने की ख्वाहिश तो है,
होंसला भरके उड़ानों की, ललक दे जाओ!

लोग पढ़कर जो मोहब्बत पे एतबार करें,
अपने लफ्ज़ों में वो शिद्दत, वो कसक दे जाओ!

नहीं नफरत के हों अल्फ़ाज, जुबां पर मेरी,
मेरे लहजे में मोहब्बत की, चहक दे जाओ!

सादगी में भी मेरा रूप ये खिल जाता है,
तुम जो छूकर मुझे, चांदी की दमक दे जाओ!

भूलकर भी न कभी तोडूं तुम्हारे दिल को,
खून में मेरी वफाओं की, नमक दे जाओ!

"देव" हर रोज रहे, सर पे वो साया बनकर,
प्यार का मुझको यहाँ, ऐसा फलक दे जाओ!"

............चेतन रामकिशन "देव"…..........
दिनांक-१२.०२.२०१४

2 comments:

राजीव कुमार झा said...

बहुत सुन्दर .
नई पोस्ट : फूलों के रंग से

राजीव कुमार झा said...

बहुत सुंदर प्रस्तुति.
इस पोस्ट की चर्चा, शनिवार, दिनांक :- 15/02/2014 को "शजर पर एक ही पत्ता बचा है" : चर्चा मंच : चर्चा अंक : 1524 पर.