Monday, 10 March 2014

♥झोपड़-पट्टी…♥♥

♥♥♥♥♥♥झोपड़-पट्टी…♥♥♥♥♥♥♥
झोपड़-पट्टी में उजियारा करने को ! 
निर्धन का आँचल खुशियों से भरने को! 
कोई सियासी मुझको नजर नहीं आया,
जो निर्धन के साथ हो, भूखा मरने को!

लम्बे चौड़े भाषण कहना जानें हैं!
यहाँ सियासी झूठी बातें तानें हैं!
इनकी आँख का आंसू महज दिखावा है,
नहीं कभी निर्धन को अपना मानें हैं!

जुटे यहाँ पर ये घोटाले करने को!
झोपड़-पट्टी में उजियारा करने को ! 

कभी यहाँ मज़हब की बातें करते हैं!
भाई को भाई का दुश्मन करते हैं!
"देव" इन्हे अपनी सत्ता से मतलब है,
इसीलिए ये झूठे वादे करते हैं!

लाखों अरबों अपनी झोली भरने को! 
झोपड़-पट्टी में उजियारा करने को ! "

........चेतन रामकिशन "देव"….......
दिनांक-१०.०३.२०१४

2 comments:

ब्लॉग बुलेटिन said...


ब्लॉग बुलेटिन की आज की बुलेटिन समोसे के साथ चटनी फ्री नहीं रही,ऐसे मे बैंक सेवाएँ फ्री कहाँ - ब्लॉग बुलेटिन मे आपकी पोस्ट को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार !

chetan ramkishan "dev" said...

"
जी आभार,
सम्मानित ब्लॉग बुलेटिन जी "