Sunday, 3 June 2012

♥तस्वीर की रंगत♥


♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥तस्वीर की रंगत♥♥♥♥♥♥♥♥♥
मेरी तस्वीर में रंगत से, तुम्हारे प्यार से आई!
हवा भी महकी महकी है, खुशी की रोशनी छाई!

बड़ा पावन, बड़ा निश्चल, ये देखो प्यार होता है!
खुशी के दीप जगमग हों, जहां गुलजार होता है!
ये सच है प्यार के पथ पर, हजारों शूल चुभते हैं,
मगर इस प्यार से ही खुशनुमा किरदार होता है!

खिला हर फूल उपवन में, कली भी देखो मुस्काई!
मेरी तस्वीर में रंगत से, तुम्हारे प्यार से आई!

..............चेतन रामकिशन "देव"................

2 comments:

शिवनाथ कुमार said...

खिला हर फूल उपवन में, कली भी देखो मुस्काई!
मेरी तस्वीर में रंगत से, तुम्हारे प्यार से आई!

सुंदर पंक्तियाँ !!

chetankavi said...

THANK YOU SO MUCH MR. SHIVNATH JI!