♥♥♥♥♥♥उजाला ..♥♥♥♥♥♥♥
अंधेरों से बढ़कर उजाला रहेगा!
ये सूरज हमेशा निराला रहेगा!
महज खूबसूरत बदन को न समझो,
अगर दिल हमारा जो काला रहेगा!
यहाँ जीत जायेगी एक दिन हक़ीक़त,
भले सच पे कितना भी ताला रहेगा!
नहीं लोग देखो वो इंसान होंगे,
वो नफरत का जिस दिल में जाला रहेगा!
जो लोगों को जीते मोहब्बत से अपनी,
वही देखो दुनिया में आला रहेगा!
नहीं मैं डिगूंगा कभी अपने पथ से,
कसम का तुम्हारी हवाला रहेगा!
सुनो "देव" कैसे बनोगे शहद तुम,
जो अधरों में विषधर का छाला रहेगा!"
.....…चेतन रामकिशन "देव"….....
दिनांक-२८.११.२०१३
अंधेरों से बढ़कर उजाला रहेगा!
ये सूरज हमेशा निराला रहेगा!
महज खूबसूरत बदन को न समझो,
अगर दिल हमारा जो काला रहेगा!
यहाँ जीत जायेगी एक दिन हक़ीक़त,
भले सच पे कितना भी ताला रहेगा!
नहीं लोग देखो वो इंसान होंगे,
वो नफरत का जिस दिल में जाला रहेगा!
जो लोगों को जीते मोहब्बत से अपनी,
वही देखो दुनिया में आला रहेगा!
नहीं मैं डिगूंगा कभी अपने पथ से,
कसम का तुम्हारी हवाला रहेगा!
सुनो "देव" कैसे बनोगे शहद तुम,
जो अधरों में विषधर का छाला रहेगा!"
.....…चेतन रामकिशन "देव"….....
दिनांक-२८.११.२०१३
